2 अक्टूबर ग्राम सभा में बाल विवाह रोकने का प्रस्ताव पारित करने की अपील


2 अक्टूबर ग्राम सभा में बाल विवाह रोकने का प्रस्ताव पारित करने की अपील
आस्था महिला एवं बाल विकास संस्था के कार्यकर्ताओं ने मिर्जापुर के ग्राम प्रधानों से किया आग्रह
2 अक्टूबर 2026। गांधी जयंती के अवसर पर आज आयोजित हो रही ग्राम सभाओं में आस्था महिला एवं बाल विकास संस्था, मिर्जापुर के कार्यकर्ताओं ने उत्तर प्रदेश मिर्जापुर जिलों के सभी ग्राम प्रधानों से जनहित में अपील की है कि वे अपनी-अपनी ग्राम सभा में बाल विवाह रोकने हेतु प्रस्ताव लेने का संकल्प करें।
संस्था के कार्यकर्ताओं ने कहा कि बाल विवाह बच्चों, विशेषकर बेटियों, के स्वास्थ्य, शिक्षा और सुरक्षित भविष्य को गहरी क्षति पहुंचाता है। इसे रोकना किसी एक संस्था या विभाग का नहीं, बल्कि पूरे समाज का सामूहिक दायित्व है। ग्राम सभा गांव की सबसे सशक्त लोकतांत्रिक इकाई है, और यदि प्रधान एवं ग्रामवासी मिलकर संकल्प लें तो हर गांव को बाल विवाह से मुक्त बनाया जा सकता है।
कार्यकर्ताओं ने ग्राम प्रधानों से निम्नलिखित अपील की:
• ग्राम सभा की बैठक में बाल विवाह के विरुद्ध प्रस्ताव पारित करें।
• गांव में किसी भी बच्चे का विवाह न होने देने का संकल्प लें।
• बाल विवाह की सूचना मिलने पर तत्काल प्रशासन, पुलिस या चाइल्डलाइन 1098 को सूचित करें।
• बेटियों की शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा को प्राथमिकता दें।
यह अभियान जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन के सहयोग से देशव्यापी “बाल विवाह मुक्त भारत” पहल के अंतर्गत चलाया जा रहा है। अभियान के दौरान ग्रामीणों से शपथ पत्र भी भरवाए जा रहे हैं, जिसमें वे अपने समुदाय में बाल विवाह के विरुद्ध हर कदम उठाने, इसकी रिपोर्ट करने, बच्चों की शिक्षा सुनिश्चित करने तथा बाल श्रम और बाल यौन शोषण सहित हर प्रकार के शोषण के विरुद्ध आवाज उठाने की प्रतिज्ञा करते हैं।
संस्था ने कहा कि “मिर्जापुर, को बाल विवाह मुक्त बनाना है” और इसके लिए सभी ग्राम प्रधानों, पंचायत प्रतिनिधियों, शिक्षकों, अभिभावकों और युवाओं का सहयोग आवश्यक है।
संदेश: बाल विवाह रोकें, बेटियों का भविष्य संवारें।
आयोजक:
आस्था महिला एवं बाल विकास संस्था,