मर्दानी धोती एवं नारायण की कलम एवं गऊ माता सम्मान से सम्मानित किया।

सक्तशेषगढ चुनार मीरजापुर। क्षेत्र के बरगवॉ गांव के बनवारी लाल विश्वकर्मा पुत्र बाबा गोरखनाथ जी जिनकी उम्र लगभग 62 साल को उनके लोहे के कारीगरी , गऊ माता के प्रति अखण्ड प्रेम , ममता मानवता , सनातन संस्कृति धर्म और आध्यात्मिक जीवन व्यतीत करने वाले विश्वकर्मा जी उनके अद्वितीय प्यार के चलते महर्षि ऋष्य ऋ॑ग सेवा संस्थान ( पंजी), नारायण गृहस्थ आश्रम नारायण नगर पचराव के प़बन्धक ईन्जी बीरेंद्र कुमार सिंह उर्फ बिचित्रानन्द ने अंगवस्त्रम्, आध्यात्मिक कलम, सुन्दर काण्ड की पुस्तक, मर्दानी धोती एवं नारायण की कलम एवं गऊ माता सम्मान से सम्मानित किया।
बिचित्रानन्द ने बताया कि ये किरियात की राजधानी सीखड़ ब्लाक के लालपुर गांव के रहने वाले हैं और बरगवॉ गांव में कयी दशक पहले चिरकिहटा बाबा के शरण में आ बसें और अपनी खानदानी परम्परा को निभाते हुए लोगों की सेवा करते हुए अपने परिवार का पालन-पोषण किया। और आज भी छोटी खेती और अपनी खानदानी परम्परा को जागृत किये हुए हैं।
गाय माता के प्रति अटूट विश्वास और प्रेम है। देशी गाय का दूध दही पीते हैं और सात्विक भोजन करते हैं। अपने ही खेत में एक तालाब खोदवा रखा है गाय माता को पानी पीने और सिंचाई करने के लिए।
पुछे जाने पर बताया कि हम मांस मछली नहीं खाते इसलिए तालाब में कुछ नहीं जिलाएं है।
और प्रतिदिन मन्दिर जाना उसके बाद ही और कोई काम करना उनकी आदत है और भगवान के प्रति अटूट विश्वास और प्रेम है।
उनके दो पुत्र हैं बिनोद कुमार विश्वकर्मा और सूर्य प्रकाश विश्वकर्मा। जो अपनी कारीगरी से पुरे क्षेत्र में प्रसिद्ध है।