सौरभ त्रिपाठी को नारायण की कलम सम्मान से सम्मानित किया गया

सौरभ त्रिपाठी को नारायण की कलम सम्मान से सम्मानित किया गया
सीखड़ मीरजापुर। पंडित धिरेन्द कृष्ण शास्त्री बागेश्वर धाम के जन्मदिन पर सुन्दर काण्ड का पुस्तक भेंट किया गया तथा पचराॅव गांव के दो होनहार बच्चों को आज शाम पांच बजे 1998 में ***कौन बनेगा आध्यात्म पति *** में प़थम पुरस्कार पाने वाले पचराॅव गांव के सौरभ त्रिपाठी पुत्र श्याम बिहारी तिवारी, दादा जीवित नारायण तिवारी,परदादा स्व हरदेव तिवारी को 28 साल बाद नारायण नेशनल चिल्ड्रेन पार्क पचराव, नारायण गृहस्थ आश्रम नारायण नगर पचराव में** नारायण की कलम ** सम्मान से सम्मानित किया गया।
सौरभ त्रिपाठी का जन्म 27 दिसम्बर 1990 को पचराॅव गांव के प्रतिष्ठित एवं स्वाभिमानी तिवारी ब्राह्मण परिवार में हुआ था। बचपन से होनहार तेजतर्रार विद्यार्थी थे । इण्टर मिडिएट की परिक्षा पास करने के बाद फीटर से आई टी आई करने के बाद हिन्डालको इन्डस्ट़ीज लिमिटेड महान एल्यूमीनियम बर्दवान सिंगरौली मध्यप्रदेश में फोरमैन के पद पर कार्यरत हैं।
पचराॅव गांव के भावी प़धान उम्मीदवार सुशील तिवारी तथा आचार्य पंडित ज्ञान धर शुक्ला तथा प्रदीप त्रिपाठी के कर कमलों द्वारा सम्मानित किया गया ।
महर्षि ऋष्य ऋ॑ग सेवा संस्थान पंजी नारायण गृहस्थ आश्रम नारायण नगर पचराव के प़बन्धक ईन्जी बीरेंद्र कुमार सिंह उर्फ बिचित्रानन्द ने बताया कि बच्चों को उत्साहित करने का प्रोग्राम संस्थान बराबर कराती रहती है।इसका मुख्य उद्देश्य है कि बच्चे संस्कारित बनें, राग द्वेष की भावना की त्याग करें, सेवा भाव की भावना जागृत करें जिससे समाज ,देश में भाई चारे के प्रेम में बढ़ोतरी हो और हमारा मानव समाज खुशहाल रहे।
यह प्रेरणा हमें परमपिता परमेश्वर की अनुमति से मिली। हमें भी बचपन से लेकर बुढापे तक सम्मान मिलता चला आ रहा है क्यों न इस खुशीहाली को और लोगों तक पहुंचाया जाय। बच्चों में खेल-कूद के प्रति रूचि बढे।
आज हुए सभी अतिथियों को सुन्दर काण्ड की पुस्तक भेंट की गयी। क्यों कि सुन्दर काण्ड में हनुमान जी की सुन्दर कथा का वर्णन है
इसलिए सभी के जीवन में हनुमान जी की कृपा से जीवन में सब सुन्दर ही सुन्दर हो।।