
गुरू धाम श्री राम मंदिर के प़ागड में चल रहे श्री राम कथा जो श्रीमद्जगतगुरू स्वामी रामानुजाचार्य के 726वाॅ प्राकट्य महोत्सव के पावन पर्व पर कथा के बिश्राम दिवस पर गढ़मुक्तेश्वर महापीठाधीश्वर महामण्डलेश्वर जलेश्वरानन्द गिरी जी महाराज एवं भब्य जग जननी दरबार लोनी वार्डर गाजियाबाद के संस्थापक एवं संचालक ने धर्म-कर्म प्रेमियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि आज के परिवेश में कथाएं बराबर हो रही हैं और लोग सुन भी रहें हैं परन्तु अमल नहीं कर रहे हैं।यह बहुत चिन्ता का बिषय है।लोग पस्चिम सभ्यता के पीछे भाग रहे हैं और अपनी भारतीय संस्कृति और सभ्यता को भूलते चले जा रहे हैं। यहां तक मां बाप की सेवा करना भी भूलते जा रहे हैं।जिस मां बाप ने पढ़ाया लिखाया और पाला पोषा । विदेशों में जाकर बस जा रहें हैं और मां बाप को ही भूलते जा रहे हैं।
आश्रम में पढ़ रहे बच्चों के होनहार पन , सभ्यता और संस्कृति का बखान करते हुए कहा कि महाराज जी के प्रेरणा से 6-7 साल के बच्चे इतना बढियां सम्बोधन संस्कृत की कर रहे थे ।एक सम्भाषण प्रतियोगिता में जो महाराज जी की ही देन है।इस आश्रम में लड़के तथा लड़कियां दोनों ही सनातन धर्म की और बेदों का अध्ययन कर रहीं हैं प़शऺशा का बिषय है।
कथा ब्यास एवं कथा के आयोजक काशी पीठाधीश्वर जगत्गुरु रामानन्दाचार्य डा० रामकमलाचार्य बेदान्ती जी महाराज ने दो जनवरी से दस जनवरी तक श्री राम कथा और सांध्य बेला में तरह तरह-तरह का आयोजन किया जिसमें सम्भाषण प्रतियोगिता, कबिसम्मेलन, विद्वतजनों का सम्मान एवं आशीर्वाद बचन ,मानस अन्त्याक्षरी, सूत्र अन्त्याक्षरी, शास्त्रार्थ, बेद अन्त्याक्षरी, श्लोक अन्त्याक्षरी का भी आयोजन किया गया। जो बनारस वासियों को एक श्री राम कथा के साथ-साथ एक अनुकरणीय संगम का नजारा देखने को मिला। महाराज जी देश विदेश यहां तक अमेरिका जैसे देशों में सनातन धर्म और श्रीराम कथा का आयोजन बराबर करते चले आ रहे हैं।कथा के बिश्राम दिवस पर एक भब्य शोभा यात्रा का भी आयोजन किया गया जो अस्सी घाट से लेकर श्री राम मंदिर गुरू धाम तक सैकड़ों भाग्यशाली महिलाओं द्वारा कलश यात्रा निकाली गई।
अन्त में विशाल भण्डारे का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर हजारों की संख्या में श्रद्धालु भक्तों ने कथा का आनन्द लिया।