आखिर किसके संरक्षण में चल रहा अवैध ऑटो स्टैंड,बाजार में उठने लगे बड़े सवाल

सड़क बनी स्टैंड, प्रशासन मौन! जमुई बाजार में ‘स्टैंड माफिया’ के हौसले बुलंद
आखिर किसके संरक्षण में चल रहा अवैध ऑटो स्टैंड,बाजार में उठने लगे बड़े सवाल
चुनार,मिर्जापुर।शासन द्वारा अतिक्रमण हटाने और सड़क मार्गों को सुचारु बनाए रखने के लिए लगातार निर्देश जारी किए जा रहे हैं, लेकिन जमुई बाजार में कथित अवैध वाहन स्टैंड को लेकर स्थानीय व्यापारियों और आम नागरिकों में नाराजगी बढ़ती दिखाई दे रही है। बाजार में चर्चा है कि सड़क किनारे संचालित वाहन स्टैंड के कारण आए दिन जाम की स्थिति बनती है और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।स्थानीय लोगों के अनुसार, हाल ही में बाजार में प्रशासनिक गतिविधियां देखने को मिलीं। कहीं पुलिस की मौजूदगी रही तो कई स्थानों पर पुलिसकर्मी नजर नहीं आए।इसी दौरान कुछ दुकानदारों ने एहतियातन अपनी दुकानों के पर्दे गिरा दिए, जबकि आसपास कई अन्य दुकानों पर कोई कार्रवाई नहीं दिखाई दी। इससे कार्रवाई की निष्पक्षता को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि वाहन स्टैंड के पास स्थित एक दुकानदार ने सड़क पर खड़े वाहन चालक से अपने प्रतिष्ठान के सामने से वाहन थोड़ा आगे लगाने का अनुरोध किया था। आरोप है कि चालक के जवाब देने से पहले ही वाहन स्टैंड से जुड़े चंद्रभान सिंह नामक व्यक्ति ने हस्तक्षेप करते हुए कथित तौर पर कहा कि “हम रोड टैक्स देते हैं, यहीं पर स्टैंड लगाएंगे और प्रशासन को भी देख लेंगे।” इस कथित बयान के बाद मौके पर मौजूद लोगों में चर्चा का माहौल बन गया।
व्यापारियों का कहना है कि बाजार की मुख्य सड़क पर लगातार वाहन खड़े रहने से ग्राहकों को दुकान तक पहुंचने में दिक्कत होती है। कई बार छोटे दुकानदारों को नुकसान भी उठाना पड़ता है। उनका आरोप है कि शिकायतों के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पा रहा है।क्षेत्र में यह चर्चा भी जोरों पर है कि वाहन स्टैंड संचालकों को कार्रवाई का कोई भय नहीं है। कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि कथित अवैध स्टैंड के संचालन के पीछे प्रभावशाली लोगों का संरक्षण प्राप्त है। वहीं कुछ लोगों ने यह भी दावा किया कि वाहन स्टैंड संचालक पुलिस को नियमित रूप से पैसा देते हैं, हालांकि इन आरोपों की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और न ही पुलिस प्रशासन की ओर से इस संबंध में कोई बयान जारी किया गया है।बाजार के व्यापारियों और स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि शासन के निर्देशों के अनुसार अतिक्रमण और अवैध स्टैंडों पर कार्रवाई हो रही है तो नियम सभी पर समान रूप से लागू होने चाहिए। उनका मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि किसी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।