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सेवा, त्याग और आध्यात्मिकता की प्रतीक थीं कुसुम दीदी पांचवीं पुण्यतिथि पर याद किए गए उनके प्रेरक कार्य

सेवा, त्याग और आध्यात्मिकता की प्रतीक थीं कुसुम दीदी पांचवीं पुण्यतिथि पर याद किए गए उनके प्रेरक कार्य

चुनार,मिर्जापुर।प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय, सेवाकेंद्र चुनार की पूर्व शाखा प्रभारी एवं आध्यात्मिक जगत की प्रेरणास्रोत राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी कुसुम दीदी की पांचवीं पुण्यतिथि पर शुक्रवार को लोअर लाइन स्थित सेवाकेंद्र में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर नगर एवं ग्रामीण क्षेत्र से बड़ी संख्या में श्रद्धालु, भाई-बहन एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित होकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः 7:30 बजे मुरली क्लास के साथ हुआ, जिसके उपरांत कुसुम दीदी की स्मृति में भोग अर्पित किया गया। उपस्थित श्रद्धालुओं ने पुष्पांजलि अर्पित कर उनके द्वारा समाज में दिए गए आध्यात्मिक, नैतिक एवं मानवीय मूल्यों के योगदान को याद किया। वक्ताओं ने कहा कि कुसुम दीदी का संपूर्ण जीवन सेवा, त्याग, आध्यात्मिक जागरूकता और मानव कल्याण के लिए समर्पित रहा। उनके बताए मार्ग पर चलकर आज भी हजारों लोग आत्मिक शांति और सकारात्मक जीवन की प्रेरणा प्राप्त कर रहे हैं।श्रद्धांजलि सभा के बाद ब्रह्मा भोजन प्रसाद का वितरण किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।कार्यक्रम में सेवाकेंद्र की शाखा प्रभारी ब्र.कु. बीनू दीदी, ब्र.कु. पंकज भैया, सह प्रभारी ब्र.कु. तारा दीदी, जगदीश भाई, नगर पालिका अध्यक्ष मंसूर अहमद, एडवोकेट ज्योति प्रकाश सिंह सहित नगर एवं ग्रामीण क्षेत्र के अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।कार्यक्रम का संचालन डॉ. प्रियंका सिंह ने किया, जबकि अंत में शाखा प्रभारी बीनू दीदी ने सभी आगंतुकों के प्रति आभार व्यक्त किया।

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