
चुनार का ऐतिहासिक मेला जो दरगाह शरीफ में चैत माह में लगने वाला पांचवा मेला संपन्न हुआ मेले में नहीं दिखा लाइटिंग की व्यवस्था
नगर के दरगाह मुहल्ले मे बाबा कासिम सुलेमान के मजार पर चैत माह मे पांच वृहष्पतीवार को लगने वाले मेले का आखिरी मेला मे उमडी हजारों जायरिनो की भीड़ मेला तमाम अब्यवस्थाओ से भरा पुरा रहा। इस चैती मेले मे क्षेत्रीय व जनपद के साथ अन्य जनपदो के अलावा देश विदेश से हजारों की संख्या मे जायरिन मजार पर जादर चढाने के लिये आते है। दुर दराज से आने वाले जायरिनो को कोई भी सुविधा दरगाह परिक्षेत्र मे नजर नही आया बल्की वाहन खडा करने के लिए मनमानी वसूली दरगाह के मुतवल्ली / दरगाह खलीफा द्वारा नगर पालिका के भूमि पर भारी भरकम रकम लेकर अवैध रुप से ठेका देने से हुआ। अक्सर मेले के दौरान लोगों से पार्किंग मे वाहन खडी करने को लेकर नोक झोक व मारपीट की नौबत आ जाती है। मुतवल्ली /खलीफा की मनमानी से दूर दराज से आए छोटे छोटे दुकानदारो को भी अछूता नही छोडा, सडक किनारे पटरी पर छोटे दुकानदारो से भी पाच सौ से सात सौ रपया वसूला गया वसूली के लिए स्थानीय स्तर के दंबंगो को कारिन्दा के रुप मे रखा गया है जिसमे एक अधिवक्ता भी मुतवल्ली/खलीफा के काले कमाई मे अपना समय देता रहा है और गरीब दकानदारो के साथ हो रहे अन्याय मे भागीदारी निभाता है। मेले मे चाय, पान से लेकर मीठा, नमकीन विस्कीट, लस्सी आदि खान पान की दुकानों से भी अच्छी खासी वसूली की गई। बच्चों के लिए खिलौने, महिलाओ के लिए चूडी इत्यादि श्रृगांर की सजी दुकानो से भी पन्द्रह सौ से पाच हजार तक की वसूली की गई। मनोरंजन के लिए लगाए गये झूले इत्यादि से भी भारी भरकम रकम वसूली गई अवैध धन उगाही का ही देन रहा कि पूर्व मे विना परिमिशन के लापरवाही पूर्वक चल रहे झूले का स्प्रिंग टूट गया और एक महिला व एक बच्ची को काफी चोटे आ गई थी। घटना के बाद उपजिलाधिकारी राजेश कुमार वर्मा, पुलिस क्षेत्राधिकारी मंजरी राव घटना स्थल पर पहुचे लेकिन मुतवल्ली/ खलीफा मानवता को शर्मशार करते हुए मौके पर नही पहुचें, घटना स्थल पर उपजिलाधिकारी ने सार्वजनिक रुप से कहा था कि मेले के परिमिशन व नगरपालिका की भूमि पर अवैध वसूली की जांच कर कडी कार्यवाही की जाएगी. वही पुलिस ने दो झूला संचालक व खलीफा अताउरर्हमान के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कर मामले को शांत कर दिया लेकिन उपजिलाधिकारी ने अब तक अवैध वसूली के संदर्भ क्या किया इसकी जानकारी नही हो पाई। सब कुछ होने के बावजूद मुतवल्ली/ खलीफा व उनके द्वारा रखे गये कारिन्दो का अत्याचार जारी रहा और दुर दराज से आने वाले जायरिनो को वाहन पार्किंग के नाम पर ठगे जाने से लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पडा। प्राप्त जानकारी के अनुसार दरगाह की सभी संपत्तीया वक्फबोर्ड के अधीन है लेकिन लगने वाले चैती मेले से करोडो की धन उगाही करके वक्फ बोर्ड को भी चुना लगाने का कार्य कर रहे है। इसकारनामे पुलिस, स्थानीय प्रशासन व नगर पालिका परिषद की भूमिका अहम है।