
नगर के दरगाह मुहल्ले मे स्थित कासिमसुलेमान के मजार पर पाच वृहस्पतिवार को लगने वाले चैती मेला मे असुरक्षित,अब्यवस्थाओ के बीच चौथे मेले का नजारा देखने को मिला। दुर दराज से हजारों की संख्या मे जायरिनो को काफी असुविधाओ को झेलनी पडी जिसके लिए सिधे सिधे मेला मालिक है। धन की अंधी दौड मे मेला मालिक द्वारा वाहन स्टैण्ड का ठेका हजारों मे दिया जाता है जिसका भुक्तभोगी मेले मे आनेवाले जायरिनो को होना पडता है वाहन स्टैण्ड के नाम पर मनमानी वसूली के लिये स्थानीय पुलिस प्रशासन व नगर पालिका परिषद जिम्मेदार नजर आता है। मेले के नाम पर आस पास व दुर दराज के छोटे बडे ब्यवसायियो का आना होता है मेला माफिया के सह पर उनके गुर्गो द्वारा जगही के नाम पर जबरन पास सौ से सात हजार रुपये तक की वसूली की जाती है। बताते चले कि मेला मालिक के गुर्गो मे एक अधिवक्ता भी शामिल है। बिते रविवार को भारी भीड मे एक झूले का स्प्रिंग टूट जाने से एक महिला व बच्चे को गंभीर चोटे आयी थी मामले मे महिला के पति ने मेला मालिक सैयद अतार्उर रहमान व दो झूला संचालको पर कोतवाली मे तहरीर देकर मुकदमा पंजीकृत कराया था। लाखो की वसूली के बावजू ब्यवसायियो को शाम के वक्त अन्धेरे मे अपना दुकान चलाना पडता है। रौजे के अन्दर दुकान लगाने वाले दुकानदारों ने बताया कि मनमाने तरीके से जगही के नाम पर धन वसूला जाता है और सुविधा के नाम पर मेला मालिक द्वारा कोई भी ब्यवस्था नही दी जाती इन सभी समस्याओ का मूल नगर पालिका परिषद के जिम्मेदार अधिकारी है। सडक पालिका का लेकिन वसूली मेला माफिया का निश्चित रुप से पालिकाध्यक्ष की भी भूमिका अहम नजर आती है।