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बीरेंद्र कुमार सिंह उर्फ बिचित्रानन्द को समाज सेवा कार्य करने पर गढ़मुक्तेश्वर के महन्त श्री श्री 1008 स्वामी महामण्डलेश्वर गिरी जी महाराज ने साल ओढ़ाकर, मोती की माला और आश्रम का प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया

बीरेंद्र कुमार सिंह उर्फ बिचित्रानन्द को समाज सेवा कार्य करने पर गढ़मुक्तेश्वर के महन्त श्री श्री 1008 स्वामी महामण्डलेश्वर गिरी जी महाराज ने साल ओढ़ाकर, मोती की माला और आश्रम का प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया

चुनार मीरजापुर। दशहरे के शुभ अवसर पर चुनार तहसील अन्तर्गत पचराव गांव के महर्षि ऋष्य ऋ॑ग सेवा संस्थान (पंजी), नारायण गृहस्थ आश्रम नारायण नगर पचराव के प़बन्धक ईन्जी बीरेंद्र कुमार सिंह उर्फ बिचित्रानन्द को समाज सेवा कार्य करने पर गढ़मुक्तेश्वर के महन्त श्री श्री 1008 स्वामी महामण्डलेश्वर गिरी जी महाराज ने साल ओढ़ाकर, मोती की माला और आश्रम का प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया और कहा कि इस तरह का कार्य करने से एक नयी पहल समाज में जाएगी और छोटे छोटे बच्चों में प्रेरणा जागृत होगी।
जिन लोगो को सही प्लेट फार्म नहीं मिल रही है उनको यह संस्थान आगे बढ़ाने का कार्य कर रही है संस्थान के प़बन्धक बधाई के पात्र हैं।
इस तरह का कार्य करने की प्रेरणा मां सरस्वती मां विंध्यवासिनी देवी के अलावा और कोई नहीं दे सकता। मां सरस्वती मां विंध्यवासिनी देवी की महिमा अपरम्पार है। शास्त्रों में इनकी महिमा का वर्णन विस्तार से अलग-अलग ऋषि मुनियों ने अपने अनुभव के अनुसार की है।
स्वामी विवेकानंद जी और स्वामी रामकृष्ण परमहंस जी को माता सरस्वती ने साक्षात्कार दी हैं।
माता सरस्वती की साधना करने से बैभव , ज्ञान, ईज्जत, रूपया पैसा, धन दौलत आदि सब माता सरस्वती जी की साधना करने से मिल जाती है। इसीलिए मां सरस्वती जी को ज्ञान की देवी कहा गया है।इनको सफेद और पीला फल , फूल , मिठाईयां, वस्त्र सबसे ज्यादा प़िय है।
इसीलिए फाल्गुन महिने में बसन्त पंचमी के दिन सरस्वती जी की पुजा की जाती है।

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