जय गुरुदेव धर्म प्रचारक जन जागरण यात्रा का 61वां सत्संग ग्राम सभा गागपुर में हुआ संपन्न।


जय गुरुदेव धर्म प्रचारक जन जागरण यात्रा का 61वां सत्संग ग्राम सभा गागपुर में हुआ संपन्न।
मानव तन पिछले जन्म के कर्मों से मिला है- पूज्य संत पंकज जी महाराज।
चुनार/नरायनपुर (मीरजापुर) 20 अक्टू.। जयगुरुदेव धर्म प्रचारक संस्था, मथुरा के परम सन्त बाबा जयगुरुदेव जी महाराज के उत्तराधिकारी संत पंकज जी महाराज अपनी 108 दिवसीय जनजागरण यात्रा के 61वें पड़ाव ग्राम गांगपुर पधारे। स्वागत की आस संजोये उपस्थित भाई-बहनों ने यात्रा का भावपूर्ण स्वागत किया। ‘‘कुदरत है तैयार खड़ी, आगे हैं तबाही बड़ी-बड़ी।’’ अपने सत्संग सन्देष में महाराज जी ने चेताया कि प्रेमी भाई बहनों! आपको यह अनमोल मानव तन पिछले जन्मों के पुण्य कर्मों से मिल गया है। इसी षरीर को देव दुर्लभ मानव तन, सच्चा हरि मन्दिर, अषरफुल मखलूकात या टेम्पल आफ लिविंग गॉड कहा गया है। इसी षरीर में प्रभु के पास जाने का एक दरवाजा है। जिसे दसवाँ द्वार, तीसरा तिल, ज्ञान चक्षु, षिवनेत्र, थर्ड आई तथा दिव्य आंख भी कहते हैं। इसका भेद अतंर्मुखी साधना करने वाले सन्त महात्मा ही जानते हैं वे जब दया करके उसका भेद जीवों को बता दें तब उनका आत्म कल्याण हो जाता है और वह जीते जी परमात्मा के दरबार में आने जाने लगता है। बीच के देवी-देवताओं के दर्षन और उनके लोक से गुजरना उसका सहज में हो जाया करता है। इसी का भेद बताते हुये रामायण के गोस्वामी जी ने भी लिखा है कि ‘‘समुझत सरिस नाम और नामी, प्रीति परस्पर प्रभु अनुगामी।’’ इसीलिये कहा गया है कि गुरु करै सो जानि के, पानी पीवे सो छानि के। अरे, गुरु की कोई जाति नहीं देखी जाती। ‘‘जाति न पूछो साध की, पूछ लीजिये ज्ञान।’’ कबीर दास जी जुलाहा थे, नानक जी सिख थे, गोस्वामी जी ब्राम्हण थे, रैदास जी हरिजन थे, पलटू दास जी बनिया थे, मीराबाई व जगजीवन साहब क्षत्रिय थे, यदि ये सब लोग परमात्मा को पा सकते हैं तो इसमें जाति का बन्धन कहां? बस मन को साफ करना होगा। ‘‘निर्मल मन सो जन मोहिं पावा, मोहि कपट छल छिद्र न भावा।’’ वेष बदल लेने मात्र से, दिखावा करने से परमात्मा नहीं मिला करता। परमात्मा को पाना है तो आप नित्य प्रति समय निकाल कर सुमिरन, ध्यान, भजन की क्रियायें घण्टा दो घण्टा अवष्य करें तो आपको भी अनुभव होगा और आपका जीवन सार्थक होगा।
महाराज जी ने वर्तमान के कुदरत के कहर की तरफ इषारा करते हुये कहा कि अभी आप क्या देखते हो? आगे ना जाने कौन-कौन सी तकलीफें, महँगाई, लड़ाई-झगड़ों का सामना आपको करना पड़ेगा क्योंकि आप सनातनी तो हैं, राम कृश्ण को भी मानते हैं लेकिन आप का खान-पान अषुद्ध हो गया, जो पषु-पक्षियों को मार कर आप खाते हो, ये इसी का परिणाम है। हमारे गुरु महाराज ने सात दषक पहले ही आगाह किया था कि ‘‘लाषों पे लाषों का होगा नजारा, सुने तो जावो सन्देष हमारा।’’ आप षाकाहारी रहें और षराब आदि नषीले पदार्थों का परहेज रखें, तभी घर-परिवार, समाज व देष में षांति आयेगी।
इस अवसर पर मा. विधायक विधान सभा क्षेत्र चुनार अनुराग सिंह, धनन्जय सिंह जिला प्रचारक, अजय सिंह नगर प्रचारक, जिलाध्यक्ष घूरन प्रसाद, संगठन मंत्री व प्रवक्ता मोती लाल सिंह, राजबली पाल, नन्दलाल सिंह एवं सहयोगी संगत देवरिया के राजेष यादव, महेष मद्धेषिया, अंगद मद्धेषिया आदि मौजूद रहे। आयोजन में जगदीष सिंह, प्रदीप सिंह का विषेश सहयोग रहा।
सत्संग कार्यक्रम के बाद जनजागरण यात्रा अपने 62वें पड़ाव लाल बाबा स्कूल का मैदान ग्राम सरैया ब्लाक नरायनपुर के लिये प्रस्थान कर गई। यहां कल (आज) प्रातः 11 बजे से सत्संग कार्यक्रम आयोजित है।