दिनांक 13 अगस्त 2026 को भारतीय किसान यूनियन जनपद मिर्जापुर के द्वारा ट्रैक्टर तिरंगा यात्रा जमुई बाईपास पुल से लेकर तहसील मुख्यालय पर पहुंचकर उप जिलाधिकारी को राष्ट्रपति के नामित राष्ट्रीय स्तर की 16 सूत्री मांग पत्र सौंपा



दिनांक 13 अगस्त 2026 को भारतीय किसान यूनियन जनपद मिर्जापुर के द्वारा ट्रैक्टर तिरंगा यात्रा जमुई बाईपास पुल से लेकर तहसील मुख्यालय पर पहुंचकर उप जिलाधिकारी को राष्ट्रपति के नामित राष्ट्रीय स्तर की 16 सूत्री मांग पत्र सौंपा
माननीय राष्ट्रपति जी,
ट्रैक्टर मार्च एवं अन्य विरोध कार्यक्रमों के प्रतिभागी, जो भारत छोड़ो दिवस की 84वीं वर्षगांठ व अगस्त क्रांति के अवसर पर संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) द्वारा दिए गए आह्वान और केंद्रीय ट्रेड यूनियनों (ctus) के समर्थन में आयोजित किए जा रहे हैं, देश के लोगों के सामने मौजूद गहरे कृषि, आर्थिक और सामाजिक संकट की ओर आपका तत्काल ध्यान आकर्षित करने के लिए एसकेएम का यह मांग पत्र प्रस्तुत करते हुए ।
यह विरोध कार्यक्रम पूरे भारत के गांवों, पंचायतों, ब्लॉकों, जिलों, कस्बों और शहरों में आयोजित किया जा रहा है, ताकि किसानों, कृषि श्रमिकों, औद्योगिक श्रमिकों, ग्रामीण मजदूरों, आदिवासियों, कर्मचारियों, युवाओं, महिलाओं और अन्य मेहनतकश तबकों की सामूहिक आवाज को व्यक्त किया जा सके। दिल्ली की सीमाओं पर हुए ऐतिहासिक किसान संघर्ष के मद्देनजर डैच्, ऋण माफी, बिजली के निजीकरण और किसानों के खिलाफ मामलों को वापस लेने के संबंध में केंद्र सरकार द्वारा दिए गए लिखित आश्वासन को लागू न किए जाने पर अपना कड़ा आक्रोश व्यक्त करते हैं। आपसे, गणराज्य के संवैधानिक प्रमुख के रूप में, सम्मानपूर्वक आग्रह करते हैं कि आप हस्तक्षेप करें और सुनिश्चित करें कि केंद्र सरकार निम्नलिखित मांगों पर बिना किसी देरी के कार्रवाई करें।
हमारी प्रमुख मांगें-
1. भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौता नहीं संसद में बिना किसी चर्चा के अपनाए गए सभी मौजूदा मुक्त व्यापार समझौतों को रद्द किया जाए, जो भारतीय कृषि, उद्योग, श्रमिकों और राष्ट्रीय हितों पर प्रतिकूल प्रभाव डालते हैं। कृषि उपज के किसी भी मुक्त आयात को नहीं।
2. सभी फसलों के लिए सी2$50 प्रतिशत पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एसकेएम) की गारंटी और सुनिश्चित सरकारी खरीद के लिए कानून बनाया जाए।
3. ग्रामीण ऋणग्रस्तता को समाप्त करने और किसानों तथा दिहाड़ी मजदूरों की आत्महत्याओं को रोकने के लिए व्यापक ऋण माफी लागू की जाए। प्रत्येक किसान आत्महत्या पीड़ित के परिवार को 25 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए।
- चारों श्रम संहिताओं को रद्द किया जाए और सभी श्रमिकों के लिए 42 हजार रुपये प्रति माह का वैधानिक न्यूनतम वेतन सुनिश्चित किया जाए।
- मनरेगा को बहाल और मजबूत किया जाए तथा प्रति वर्ष 200 दिनों के रोजगार की गारंटी के साथ न्यूनतम 700 रुपये प्रति दिन की मजदूरी सुनिश्चित की जाए।
- विद्युत निजीकरण विधेयक 2025, बीज विधेयक, 2025 और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) में प्रस्तावित संशोधनों को वापस लिया जाए।
- जबरन भूमि अधिग्रहण और कॉरपोरेट समर्थक भूमि पूलिंग को रोककर भूमि अधिकारों की रक्षा की जाए। भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और पुनर्स्थापन में उचित मुआवजा एवं पारदर्शिता के अधिकार (एल ए आर आर) अधिनियम, 2013, वन अधिकार अधिनियम (एफआरए), 2006 और पंचायत (अनुसूचित क्षेत्रों तक विस्तार) अधिनियम (पी ई एस ए), 1996 द्वारा गारंटीकृत अधिकारों को कायम रखा जाए।
स्थानीय मांगें- - भारतीय खाद्य निगम (एफ आई) की रक्षा और उसे मजबूत किया जाए, साइलो के निजीकरण को रोका जाए और एफसीआई साइलो संचालन में अडानी और लीप इंडिया के एकाधिकार को समाप्त किया जाए।
- संप्रभु एस एम ई क्षेत्रों, कृषि, खाद्य प्रसंस्करण और खाद्य निर्यात में एफडीआई की अनुमति न दी जाए।
- उर्वरकों की कमी और कालाबाजारी समाप्त की जाए, भूमि रिकॉर्ड के बिना खुले बाजार में आपूर्ति सुनिश्चित की जाए तथा सब्सिडी बहाल करके उर्वरकों, ईंधन, पेट्रोल और डीजल की कीमतों को नियंत्रित किया जाए।
- एक व्यापक सार्वजनिक क्षेत्र की फसल और पशुधन बीमा योजना स्थापित की जाए।
- प्रभावी जलग्रहण क्षेत्र प्रबंधन और सार्वजनिक निवेश के माध्यम से हर खेत के लिए सिंचाई सुनिश्चित की जाए।
- 60 वर्ष से अधिक आयु के सभी लोगों को 10,000 रुपये प्रति माह की सार्वभौमिक सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्रदान की जाए।
- पारदर्शी, समयबद्ध और पर्याप्त रूप से वित्तपोषित बाढ़ एवं सूखा आपदा राहत सुनिश्चित की जाए।
- अनुसंधान और विकास के लिए केंद्रीय बजट का 6 प्रतिशत और जीडीपी का 3 प्रतिशत तथा शिक्षा के लिएजीडीपी का 6 प्रतिशत आवंटित किया जाए।
- सहकारी समितियों और एफपीओएस को कॉरपोरेट कब्जे से बचाया जाए, सहकारी संस्थाओं का लोकतंत्रीकरण किया जाए ताकि वे किसानों को सेवाएं प्रदान करें, न कि कंपनी अधिनियम के तहत पंजीकृत लाभ कमाने वाली कंपनियों के रूप में कार्य करें।
माननीय राष्ट्रपति जी आपके समक्ष रखी गई मांगें देशभर के लाखों किसानों, श्रमिकों और आम नागरिकों की आकांक्षाओं और तात्कालिक जरूरतों को प्रतिबिंबित करती हैं। हम आपसे सम्मानपूर्वक अनुरोध करते हैं कि आप अपने अच्छे कार्यालय का उपयोग करते हुए केंद्र सरकार को इन मुद्दों पर तत्काल और सार्थक कार्रवाई करने की आवश्यकता से अवगत कराएं, ताकि आजीविका की रक्षा, सामाजिक न्याय सुनिश्चित करने और लोगों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के हित में कदम उठाए जा सकें।
हमें आशा है कि मांगों के इस चार्टर पर गंभीरतापूर्वक विचार किया जाएगा और बिना किसी देरी के उचित कदम उठाए जाएंगे। इसी के साथ में जनपद स्तर की 8 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा जिसमें जनपद से गुजरने वाली विंध्य एक्सप्रेस से परियोजना को निरस्त करने जो जनहित में नहीं है,खरीफ की फसल के लिए पर्याप्त मात्रा में सभी समितियो पर डीएपी यूरिया उपलब्ध कराया जाए और दिन की कटौती बंद कर निर्बाध रूप से बिजली दिया जाए, वाराणसी शक्ति नगर मार्ग पर बने टोल प्लाजा जो डीपीआर में नहीं है लीकेज भी बंद हो गया है जनहित में उसे हटाया जाए ,चुनार पोस्टमार्टम हाउस को जनहित में अभिलंब प्रारंभ किया जाए , चुनार तहसील अंतर्गत बसे गंगा के किनारे गांव बगही शिवपुरी ,चित्रहा, जलालपुर माफी, गांगपुर में बाढ़ के दिनों में कटान होने से सैकड़ो एकड़ जमीन और मकान गंगा में समाहित होते जा रहे हैं उसको रोकने का उचित प्रबंध किया जाए ,चुनार तहसील अंतर्गत बेलवारी और दादो लिफ्ट कैनाल परियोजना स्वीकृत है धन उपलब्ध कराकर निर्माण कराया जाए और छुट्टा पशुओं से किसानों की फसलों का हो रहे व्यापक नुकसान को उसे सुरक्षा किया जाए।
जिसमें सैकड़ो किसानों ने हिस्सा लेते हुए यात्रा को सफल बनाया जिसमें प्रदेश महासचिव प्रहलाद सिंह किसान,मंडल अध्यक्ष अनिल सिंह ,जिला अध्यक्ष कंचन सिंह फौजी, जिला उपाध्यक्ष अवधेश नारायण सिंह, जिला कोषाध्यक्ष स्वामी दयाल सिंह,विश्वनाथ सिंह, पंचम सिंह जिला सचिव, स्वामी सिंह,राजेश कुमार सिंह उर्फ गुड्डू मंडल प्रवक्ता,परशुराम मौर्य ,मीडिया प्रभारी धर्मेंद्र सिंह, प्रदीप सिंह,राम महल सिंह, मुकुटधारी सिंह, गोरखनाथ सिंह ,राम सिंगार सिंह ,अंबिका यादव , सुखई बाबा , अलगू विश्वकर्मा, राजेंद्र सिंह, महेंद्र सिंह ,जगदीश सिंह ,विजय सिंह ,ओम प्रकाश सिंह ,गिरीश कुमार सिंह ,अंबिका यादव ,जयप्रकाश दूधनाथ ,रामराज व अन्य।