
चुनार गंगा जी के घाट पर हनुमान जयंती के पावन पर्व पर पुजा पाठ ,हवन यज्ञ कराया गया।
मेन उद्देश्य यह है कि गंगा पुल से कोई भी कूदे मरें नहीं।
चुनार क्षेत्र खुशहाल रहे ।
सीखड़ चुनार चुनार मीरजापुर। चुनार क्षेत्र का गंगा जी पर पक्का पुल जो किरियात , ढाब , भागवत, और सोनभद्र जिला तथा चन्दौली जिला को जोड़ता है। जिसके ऊपर से आत्महत्या करने वालों के रोकथाम के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने लगभग 98 लाख रुपए खर्च करने का प़स्ताव पारित किया है।चुनार क्षेत्र के हंसमुख प़तिभावान, लोकप्रिय,सबके चहेते, दुःख सुख में साथ देने वाले माननीय विधायक अनुराग सिंह के दो साल की अथक प्रयास से यह स्वीकृति मिली है इसी के उपलक्ष्य में चैत्र मास की पुर्णिमा के दिन 2अप़ैल (गुरू वार ) सूर्योदय 6.10, सूर्यास्त 18.39, हनुमान जयंती, उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र, ऋतु बसंत , अशुभ समय / राहुकाल 11.45 AM से 3.32PM तक , संवत्सर बिक्रम संवत 2083,शक संवत 1948 , के दिन नारायण गृहस्थ आश्रम नारायण नगर पचराव के प्रबन्धक इन्जीनियर बीरेंद्र कुमार सिंह उर्फ बिचित्रानन्द तथा नारायण गृहस्थ आश्रम के संरक्षक पंडित एवं पत्रकार ज्ञानधर शुक्ला तथा दर्जनों नवयुवक पत्रकार के समक्ष गंगा नदी के तट पर नाव में बैठकर सनातन धर्म और संस्कृति से पुजा पाठ, हवन यज्ञ किया गया।तथा गंगा माता का दूध से अभिषेक किया गया।
जिसका मेन उद्देश्य है कि अब गंगा मईया में पुल से कोई मानव कूदें नहीं यदि अपने पुर्व जन्मों के पाप से या प्रेत बाधा के कारण कुदता भी है तो वह डूब कर मरे नहीं और चुनार क्षेत्र खुशहाल रहे। धनवान रहे ।और चुनार क्षेत्र प़देश में,देश विदेशो में चुनार मीरजापुर उ प़ का नाम रोशन करता रहे। बिचित्रानन्द ने बताया कि यह प्रेरणा हमें सात दिन की गऊ कथा सुनने के बाद मिली मिली।गंगा जी के पुजा पाठ के बाद मिष्ठान,दही ,छाछ और फल प़साद के रूप में बितरित किया गया।इस अवसर पर घाट पर बैठने वाले कर्मकाण्डीय ब्राह्मण भी उपस्थित थे ।तथा गंगा जी के किनारे के रहने वाले बच्चे भी थे