
स्वामी रामानुजाचार्य जी की भब्य शोभा यात्रा निकाली गई।
ईन्जी बीरेंद्र कुमार सिंह
वाराणसी। गुरू धाम श्री राम मंदिर के प़ागड में चल रहे श्री राम कथा के बिश्राम दिवस पर एक भब्य शोभा यात्रा निकाली गई। जगत्गुरु रामानन्दाचार्य डा ० राम कमला दास बेदान्ती जी के सानिध्य में एक विशाल शोभायात्रा निकाली गई।
जो अस्सी घाट से कलस लेकर वाराणसी के कयी जगहों से होती हुई गुरू धाम पहुंची ।शोभा यात्रा में रामानुजाचार्य जी के मुर्ती को खुब बढ़िया सजाकर पालकी में बैठा गया था जिसको सन्त समाज बारी बारी से ले जा रहे थे ।साथ में सभी देबी देवताओं के बिग़ह की भी झांकियां प़स्तुत किया गया था।जगह जगह लोगों ने बिग़ह पर और सन्तों पर फूल की बर्षा कर रहे थे । जिसका समापन श्री राम मंदिर के प़ागड में हुआ।
उसके बाद एक धर्मसभा का भी आयोजन किया गया।जिसकी अध्यक्षता गढ़मुक्तेश्वर महापीठाधीश्वर महामण्डलेश्वर जलेश्वरानन्द गिरी जी महाराज ने की । और अपने सम्बोधन में कहा कि आज जिस शोभा यात्रा में हम लोग शामिल हुए हैं उस महान पुरुष ने सनातन धर्म के लिए बहुत कुछ किया है।हम लोगों को भी उन्हीं के द्वारा बताए हुए मार्ग पर चलने की आवश्यकता है। नहीं तो जातिवाद के चक्कर में हम लोग अपनी सनातन धर्म के संस्कृति को भूलते जा रहे हैं। यदि ऐसी रवैया अपनाए रखा तो एक दिन सनातन धर्म को मानने वाला नहीं रह जाएगा।
इस अवसर पर वृन्दावन, अयोध्या, काशी के कयी विद्वतजनों ने अपने विचार रखे और अपील की कि सनातन धर्म परम्परा को अपनाएं इसी में सब की भलाई है।डा कमला दास बेदान्ती जी ने जलेश्वरानन्द गिरी जी महाराज को रामानुजाचार्य स्वामी की प्रतिमा भेंट करके सम्मानित किया।
और दूर दूर से आए सभी सन्तों को गिफ्ट और दक्षिणा भेंट किया और आभार प्रकट किया। शोभा यात्रा में गुरू कुल के सैकड़ों बच्चे तथा बच्चियों ने अपने सन्त भेष-भूषा में शोभा यात्रा को आकर्षक का केंद्र बनाए हुए थे। लगता था कि काशी के सभी सन्त एक साथ उपस्थित हो गये है।
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