
गौ माता की कथा का हुआ आयोजन नारायण गृहस्थ आश्रम पचराॅव में
सीखड़ मीरजापुर। क्षेत्र के पचराव गांव में स्थित नारायण गृहस्थ आश्रम नारायण नगर पचराव में पांच दिवसीय गौ माता की कथा का आयोजन उनके स्वागत में किया गया।
बिचित्रानन्द ने बताया कि पच्पन साल के बाद उनके जीवन में देशी गाय की बच्चा आश्रम परिसर में लाया गया। उसको खूब बढ़िया घुंघुरू, नया पगहा,नया कम्बल ओढ़ने के लिए लाया गया। प्रतिदिन रोटी , घी , गुड़ , काजू,गाजर , और बन्द गोभी यानी पत्ता गोभी खिलाकर सुबह-शाम दो घण्टे गौ कथा सुनाया जाता है। उसके बाद सत्यनारायण भगवान की कथा आश्रम पुरोहित जितेन्द्र कुमार द्विवेदी ऊर्फ लल्ली गुरू के द्वारा सम्पन्न कराके गौ माता की कथा का विश्राम हुआ।
जैसा कि हमारे कयी सन्तों ने अपना निजी अनुभव शेयर किया है। और बताया है कि देशी गाय का गोबर ,मूत्र ,दही ,घी , और दूध अम्रित के समान है। इससे कयी प्रकार की बिमारियों का ईलाज सम्भव है। संसार में चौरासी लाख योनियों में केवल देशी गाय का बच्चा जब पैदा होता है तब मां शब्द का उच्चारण करता है। यहां तक कि सबसे बुद्धिमान मनुष्य का बच्चा जब पैदा होता है तब सबसे पहले रोता है। मां का उच्चारण करने वाला देशी गाय का बच्चा ही पृथ्वी पर एक मात्र प़ाणी है। मां महामंत्र भी है। मां शब्द के जाप से वातावरण सकारात्मक में बदल जाता है। देशी गाय मे शास्त्रों के अनुसार सभी देवी देवता समाहित है।गाय के पुंछ मात्र से ही सभी प्रकार के टोटके,नजर ,जादू , टोना केवल घुमाने मात्र से गायब हो जातें हैं। शास्त्रों में इसका बहुत वर्णन किया है। यहां तक की समुद्र पुराण और अग्नि पुराण में गौ माता के बारे में तथा किन किन बिमारियों का ईलाज कैसे होता है विस्तृत वर्णन किया गया है। आश्रम में पुराण लाया गया है। बिचित्रानन्द ने बताया कि उनको शुगर और ब्लडप्रेशर था जबसे गौ माता की सेवा में लगे हैं सब दबा छोड़ दिए हैं और बहुत खुश भी हैं।गौ माता की जितना भी बखान किया जाय कम है।इस अवसर पर नारायण नगर पचराव निवासी तथा गांव के लोग उपस्थित थे।