सुरभि सोध संस्थान के संरक्षक सूर्य कान्त जालान जी को नारायण की कलम एवं गऊ माता सम्मान से सम्मानित किया गया

सुरभि सोध संस्थान के संरक्षक सूर्य कान्त जालान जी को नारायण की कलम एवं गऊ माता सम्मान से सम्मानित किया गया
चुनार मीरजापुर। रामबाग चुनार के सुरभी सोध संस्थान के संस्थापक सूर्यकान्त जालान के मधूर बचन , मधूर मिलन , सात्विक भोजन, मर्यादित भेष-भूषा, गोरक्षा , गोबश को विकसित करके, और नक्सली क्षेत्रों के गरीब तबके के बच्चों को मुफ्त में शिक्षा, रहने और खाने का उचित प़बन्ध करके समाज सेवा में अग्रणीय भूमिका निभाने वाले परम् श्रद्धेय, परम् आदरणीय श्रीमान् सूर्यकान्त जालान जी को महर्षि ऋष्य ऋ॑ग सेवा संस्थान (पंजी), नारायण गृहस्थ आश्रम नारायण नगर पचराव, चुनार, मीरजापुर, के प़बन्धक ईन्जी बीरेंद्र कुमार सिंह उर्फ बिचित्रानन्द ने पुष्प गुच्छ, अंगवस्त्रम्, आध्यात्मिक कलम, सुन्दर काण्ड की पुस्तक तथा नारायण की कलम एवं गऊ माता सम्मान से सम्मानित किया।
सूर्यकान्त जालान जी राजस्थान के मारवाड़ी खानदान से ताल्लुकात रखते हैं।
दो तीन दसक पहले वाराणसी में कपड़ा के व्यापारी के रूप में कदम रखा और धीरे-धीरे मीरजापुर के चुनार तहसील के अन्तर्गत डगमगपुर में ब़िहद रामकथा विश्व विख्यात परम् श्रद्धेय मुरारी जी बापू का रामकथा क्षेत्र वासियों को सुना कर स्थान का नामकरण करके रामबाग रखा ।
जहां पर आठ प्रदेशों के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के बच्चों को मुफ्त में शिक्षा, आवास और भोजन देकर एक किर्तिमान स्थापित किया है। जिसमें अरूणाचल प्रदेश, सिक्किम, मणिपुर , मेघालय, मिजोरम नागालैंड, त्रिपुरा व असम के गरीब के लिए छात्रावास चला रहे हैं।
इन बच्चों के भोजन, वस्त्र, आवास , कपड़ा, पठन पाठन की सामग्री की व्यवस्था संस्था द्वारा की जाती है।
वहीं दूसरी ओर गोबऺश को विकसित करके सुरभि सोध संस्थान के अन्तर्गत गोशाला में तीन देशी नस्लों की गाय माता ( गंगा तीरी , लाल सिन्धी, शाहीवाल) का संरक्षण संवर्धन किया है।
गो सेवा, शिक्षा, चिकित्सा, सेवा कार्य, एवं शोध कार्यों के लिए समर्पित* सुरभि सोध संस्थान कर रही है। जालान जी ने बताया कि इन सब के अलावा बिशाल प्रेक्षागृह 1000 व्यक्तिओं की क्षमता वाला आधुनिक संसाधनों से युक्त निर्माणाधीन है और एक इसी के पासअनुभव आश्रम** बनाया जा रहा है।
यह स्थान चुनार की पहाड़ियों के बीच विचित्र सौन्दर्य के साथ रमणीक स्थल बन चुका है।
साल भर में लाखों लोग वर्षांत के समय केवल घुमने के लिए आते हैं।
नर नारायण जालान कपड़े का कारोबार देखते हैं और सूर्य कान्त जालान जी समाज सेवा और गऊ सेवा में दिन रात लगे रहते हैं। और हजारों लोगों के परिवार का पालन-पोषण कर रहे हैं।
नारायण गृहस्थ आश्रम नारायण नगर पचराव ऐसे शख्स का पुनित कार्य करने वाले लोगों का सदैव आभारी रहेगा।