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बदमाशों द्वारा पत्रकार को जान से मारने की कोशिश
शादी से लौट रहे पत्रकार पर रास्ते में हमला
कट्टा दिखाकर मोबाइल लूटने की कोशिश
चुनार,मिर्जापुर। स्थानीय थाना क्षेत्र से लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर हमले की सनसनीखेज वारदात सामने आई है। स्थानीय पत्रकार बीरेन्द्र कुमार सिंह उर्फ बिचित्रानन्द ने आरोप लगाया है कि शादी समारोह से लौटते समय रास्ते में घात लगाकर बदमाशों ने उन पर जानलेवा हमला कर दिया।पीड़ित पत्रकार के अनुसार, घटना 25 अप्रैल 2026 की रात करीब 9:13 बजे की है। वह गांव पचराव में एक शादी समारोह से अपने घर लौट रहे थे। जैसे ही वह चुनार-कछवा मार्ग स्थित 74 नंबर गेट के पास पहुंचे, वहां पहले से मुंह बांधे दो बदमाश घात लगाए खड़े थे।आरोप है कि बदमाशों में से एक ने उन पर कट्टा तान दिया, जबकि दूसरे ने तेजधार हथियार से हमला कर दिया। पत्रकार किसी तरह झुककर बचे, लेकिन बाइक असंतुलित होकर सड़क पर गिर गई। गिरते ही दोनों हमलावर उन पर टूट पड़े और लात-घूंसों से बेरहमी से पिटाई करने लगे।इतना ही नहीं, हमलावरों ने उनका मोबाइल फोन छीनने की कोशिश भी की, लेकिन पत्रकार ने साहस दिखाते हुए मोबाइल को सीने से दबाकर बचा लिया।
समय पर लोग पहुंचे, वरना हो सकती थी हत्या!
पीड़ित का कहना है कि अगर उसी समय गांव के कुछ लोग मौके पर न पहुंचते तो हमलावर उनकी हत्या तक कर सकते थे। लोगों को आता देख बदमाश मोटरसाइकिल से फरार हो गए।
पुलिस को फोन किया, नहीं मिला जवाब
पत्रकार ने आरोप लगाया कि घटना के तुरंत बाद कई बार पुलिस को फोन किया गया, लेकिन संपर्क नहीं हो सका। बाद में 112 नंबर पर सूचना देने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची।
पीड़ित पत्रकार ने कुछ स्थानीय लोगों पर संदेह जताते हुए कहा कि यह हमला अचानक नहीं, बल्कि सोची-समझी साजिश के तहत कराया गया है। उन्होंने आरोपियों की कॉल डिटेल निकलवाने, सीसीटीवी जांच कराने और सख्त कार्रवाई की मांग की है।
पत्रकारों में उबाल, बोले- कलम दबाने की कोशिश बर्दाश्त नहीं
घटना के बाद क्षेत्रीय पत्रकारों में भारी आक्रोश है। पत्रकार संगठनों ने कहा कि यह हमला सिर्फ एक व्यक्ति पर नहीं, बल्कि पत्रकारिता की आवाज दबाने की कोशिश है।मामले में पुलिस जांच शुरू होने की बात कही जा रही है, लेकिन अभी तक हमलावरों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।