
”मेटल ऑर्गेनिक फ्रेमवर्क” विषय पर हुआ विशेष व्याख्यान
स्वतंत्रता संग्राम सेनानी विश्राम सिंह राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, चुनार, मीरजापुर में संस्थान नवाचार परिषद एवं आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ के संयुक्त तत्वावधान में विज्ञान संकाय द्वारा आयोजित “इनोवेटिव टेक्नीक्स इन साइंस” विषयक सात दिवसीय कार्यशाला के चतुर्थ दिवस का आयोजन आज दिनांक 30 जनवरी 2026 को रसायन विज्ञान विभाग द्वारा किया गया।
इस अवसर पर आयोजित विशेष व्याख्यान का विषय “मेटल ऑर्गेनिक फ्रेमवर्क” रहा। कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय की प्राचार्य प्रो० (डॉ०) माधवी शुक्ला, मुख्य अतिथि प्रो० (डॉ०) लल्लन मिश्रा तथा आई० क्यू ०ए ०सी० समन्वयक डॉ० चंदन साहू द्वारा मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीपप्रज्वलन के साथ किया गया।
अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में प्राचार्य प्रो० (डॉ०) माधवी शुक्ला ने कहा कि वर्तमान समय में विज्ञान एवं तकनीक के क्षेत्र में नवाचार की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। मेटल ऑर्गेनिक फ्रेमवर्क जैसी उन्नत तकनीकें ऊर्जा संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण, तथा औद्योगिक एवं जैव-चिकित्सीय अनुप्रयोगों में नई संभावनाएँ प्रदान कर रही हैं।
मुख्य वक्ता के रूप में प्रो० (डॉ०) लल्लन मिश्रा, डिस्टिंग्विश्ड प्रोफेसर, रसायन विज्ञान विभाग, बनारस हिंदू विश्वविद्यालय, वाराणसी उपस्थित रहे। उन्होंने अपने व्याख्यान में मेटल ऑर्गेनिक फ्रेमवर्क की संरचना, कार्यप्रणाली एवं वैज्ञानिक महत्व पर विस्तारपूर्वक प्रकाश डाला। विशेष रूप से उन्होंने मेटल बेस्ड ड्रग डिजाइन, प्लैटिनम कॉम्प्लेक्स का कैंसर थेरेपी में उपयोग, पर अपने शोध कार्यों को साझा करते हुए बताया कि किस प्रकार मेटल आधारित यौगिकों का उपयोग कैंसर, बैक्टीरियल संक्रमण तथा अन्य जटिल रोगों की औषधि निर्माण में किया जा रहा है।
उन्होंने विद्यार्थियों को इस उभरते हुए शोध क्षेत्र में नवाचार एवं अनुसंधान हेतु प्रेरित किया।
कार्यक्रम का संचालन डॉ० शिखा तिवारी द्वारा किया गया तथा धन्यवाद ज्ञापन डॉ० चन्दन साहू द्वारा प्रस्तुत किया गया।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र–छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। इस अवसर पर डॉ० शेफालिका रॉय, डॉ० नलिनी सिंह, डॉ० विद्या सिंह, डॉ० रीता मिश्रा, डॉ० अवधेश सिंह यादव, डॉ० संकठा प्रसाद सोनकर, डॉ० मनोज कुमार प्रजापति, डॉ० दीपक कुमार सिंह, डॉ० अमित कुमार, डॉ० मंजुला शुक्ला, डॉ० रजनीश कुमार, डॉ० भास्कर प्रसाद द्विवेदी, डॉ० गुरु प्रसाद सहित महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापक/प्राध्यापिकाएँ एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारी उपस्थित रहे।