पचरॉव गांव में 27 वर्षों से मनाया जा रहा दुर्गा पूजा महोत्सव, मां सरस्वती के मंदिर निर्माण की भी पहल

पचरॉव गांव में 27 वर्षों से मनाया जा रहा दुर्गा पूजा महोत्सव, मां सरस्वती के मंदिर निर्माण की भी पहल
मीरजापुर। विकासखंड सीखड़ के पचरॉव गांव में दुर्गा पूजा समिति की ओर से पिछले 27 वर्षों से लगातार दुर्गा पूजा महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है।
इस वर्ष सिल्वर जुबली वर्ष के रूप में मनाया जाएगा।
इसी क्रम में आज प्रातः नौ बजे काशी के विद्वान आचार्य अंबुज मिश्रा ने सनातन धर्म की परंपराओं के अनुसार विधि-विधान से पूजा-पाठ एवं प्राण प्रतिष्ठा संपन्न कराई। इस धार्मिक आयोजन में गांव के सैकड़ों बच्चों सहित ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
समिति की ओर से आयोजित यह धार्मिक उत्सव नवरात्रि के सप्तमी तिथि से प्रारंभ होकर दशमी तक चलता है। दशमी के दिन विधि-विधान के साथ मां दुर्गा की प्रतिमा का विसर्जन पवित्र नदी में किया जाता है। इस दौरान पूरे गांव में भक्तिमय वातावरण बना रहता है।
पचरॉव गांव धार्मिक आस्था और परंपराओं के लिए जाना जाता है। ग्रामीणों के अनुसार, यह गांव बाबा काशी विश्वनाथ और मां विंध्यवासिनी धाम के मध्य स्थित है। गांव में वर्तमान में कुल 33 मंदिर हैं, जिनमें 12 मंदिर भगवान शंकर को समर्पित हैं। इसके अलावा भगवान हनुमान और विभिन्न देवी-देवताओं के मंदिर भी स्थापित हैं।
विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए बनेगा मां सरस्वती का मंदिर
गांव में मां लक्ष्मी और मां सरस्वती के मंदिरों की कमी को देखते हुए अब ज्ञान की देवी मां सरस्वती के मंदिर के निर्माण की योजना बनाई गई है। ग्रामीणों का उद्देश्य है कि क्षेत्र के बच्चों को शिक्षा के प्रति प्रेरित किया जाए और वे पढ़-लिखकर जिले तथा प्रदेश का नाम रोशन करें। मंदिर निर्माण की यह पहल विद्यार्थियों के शैक्षिक और नैतिक विकास को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से की जा रही है।
आयोजकों का मानना है कि धार्मिक संस्कारों के साथ शिक्षा का महत्व समझाना भी आवश्यक है, ताकि युवा पीढ़ी सही दिशा में आगे बढ़ सके। दुर्गा पूजा महोत्सव में गांव के सैकड़ों होनहार बच्चों की सहभागिता ने आयोजन को विशेष बना दिया। ग्रामीणों ने धार्मिक परंपराओं को आगे बढ़ाने के साथ-साथ शिक्षा और संस्कारों को मजबूत करने का संकल्प व्यक्त किया।