कैसे पैसा कमाया जाए और पैसा कमाने के लिए पुलिस की तरफ देख रहे लोग।

पैसा कमाने के लिए पुलिस की तरफ देख रहे लोग।
सीखड़ मीरजापुर। जनपद का सबसे शिक्षित और सम्मानित क्षेत्र रहा सीखड़ विकासखण्ड इस समय अवैध मादक पदार्थों की बिक्री के लिए मशहूर हो रहा है। पिछले महीने से लेकर अब तक कुछ घटनाएं इसको चरितार्थ कर रही है। अब क्षेत्र के बेरोजगार लोग जनपद के आला पुलिस अधिकारियों से पूछना चाहते हैं कि गांजा और शराब अवैध रूप से बेचने के लिए आपके विभाग का सिस्टम कैसे कार्य करता है। इसके लिए कहां कहां किसको कितना कितना रूपया महीना देना पड़ेगा ।जिससे कि वह इस प्रकार का व्यापार शुरू करके अपना और अपने परिवार का बाकी जीवन सुख के साथ व्यतीत कर सकें। पिछले महीने ही कठेरवां में गांजा विक्री की खबर एक समाचार पत्र में प्रमुखता से छपी थी। उसपर बाद में क्षेत्र की पुलिस द्वारा कार्रवाई की गई। तत्पश्चात क्षेत्र के हीं सीखड़ बाजार से गोमती में गांजे की बिक्री की खबर छपी थी।
पचराव गांव में एक महीने के अंदर दो बार कारवाई करने को यहां की पुलिस मजबूर हुई।जिन लोगों ने पुलिस को इन कार्यों में लिप्त पाते हुए उठाया उनके लोग खुलेआम यह कहते हुए पाए गए कि हम यह धंधा बंद नहीं करेंगे चाहे जितना पैसा पुलिस को देना पड़े। कुछ लोगों के द्वारा बनाए गए दबाव की वजह से पुलिस कार्रवाई करने को मजबूर हुई वरना इतने दिनों से धंधा आसानी से हीं फल फूल रहा था। यह स्थिति देखकर और जानकर क्षेत्र के अन्य बेरोजगार लोगों के दिमाग में यह धन्धा करने की प्रेरणा जागृत हो रही है। उनकी सोच बन गई है कि स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर कोई हम भी ऐसा व्यवसाय शुरू करके मोटी रकम कमाया जा सकता है। अगर यह सुविधा उपलब्ध हो सकती है तो फिर कड़ी धूप में मजदूरी करके क्यों कम पैसा कमाया जाय । इसलिए ऐसे लोग एक दूसरे से कानाफूसी कर सिस्टम की जानकारी उपलब्ध कर रहे हैं। लोगों की सोच ऐसी बन गई है कि जब सईया भये कोतवाल अब डर काहे का ।।